Breaking News
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी
प्रेस टूर पर देहरादून पहुंचे ओडिशा के पत्रकारों के दल ने उत्तराखंड के राज्यपाल से की भेंट
घरेलू गैस की आपूर्ति में कोई कमी नहीं- महाराज
एलपीजी गैस आपूर्ति व्यवस्था की समीक्षा, कालाबाजारी व जमाखोरी रोकने को 15 टीमें गठित
उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए- कुसुम कंडवाल
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

अतिवृष्टि से किसानों की फसलें तबाह, कृषि मंत्री ने ली समीक्षा बैठक

गणेश जोशी ने अधिकारियों को सर्वेक्षण तेज करने और किसानों को शीघ्र मुआवजा देने के निर्देश दिए

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने अपने कैंप कार्यालय में कृषि एवं उद्यान विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर अतिवृष्टि से किसानों की फसलों को हुए नुकसान की समीक्षा की।

बैठक में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल किया जाय। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि फसलों के नुकसान का नियमित रूप से सर्वेक्षण कर प्रतिदिन की रिपोर्ट मंत्रालय को भेजी जाए। कृषि मंत्री जोशी ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के मानकों के अनुसार शीघ्र कागजी कार्यवाही पूरी कर किसानों को मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि आपदा से प्रभावित कृषकों को तुरंत राहत मिल सके।

बैठक के दौरान किसानों की फसलों को हुए नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए भारत सरकार की ओर से तय मानकों के अतिरिक्त राज्य सरकार की ओर से भी किसानों को उनकी फसलों की क्षतिपूर्ति के लिए अतिरिक्त सहायता देने पर भी चर्चा की गई। इस संबंध में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों को शीघ्र आंकलन कर प्रस्ताव तैयार करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के साथ खड़ी है और किसान भाइयों की हर संभव मदद की जाएगी।

बैठक में अधिकारियों द्वारा बताया गया कि प्रदेश में अतिवृष्टि के कारण कृषि भूमि में सिंचित और असिंचित मिलाकर लगभग 28 हैक्टेयर क्षेत्रफल में नुकसान हुआ है। इसी प्रकार उद्यान क्षेत्र में 4800 हैक्टेयर में फसलों को क्षति पहुँची है। अधिकारियों ने बताया कि उपरोक्त क्षति का क्षेत्रफल भारत सरकार के आपदा के मानकों के अनुसार 33 प्रतिशत से अधिक है, जो मुआवजा वितरण की श्रेणी में आता है।

इस अवसर पर कृषि महानिदेशक रणवीर सिंह चौहान, निदेशक कृषि परमाराम, बागवानी मिशन महेंद्र पाल, संयुक्त निदेशक दिनेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top