Breaking News
फिल्म अभिनेता अमन वर्मा ने की फिल्म विकास परिषद के नोडल अधिकारी से भेंट
टिहरी मेडिकल कॉलेज के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगी नई दिशा : स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल
लोनिवि मंत्री महाराज ने किया मसूरी, कोल्हूखेत, पानी वाले बैंड सड़क का औचक निरीक्षण
वन्य जीव आधारित पयर्टन से बढ़ाई जाए स्थानीय लोगों की आर्थिकी- मुख्यमंत्री धामी
STF, उत्तराखण्ड की बड़ी कार्यवाही – अन्तर्राज्यीय साइबर गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार
मुख्यमंत्री ने जन समस्याओं के त्वरित एवं समयबद्ध समाधान के दिए निर्देश
पौड़ी पुलिस की बड़ी कार्रवाई: गुलदार की खाल के साथ तस्कर गिरफ्तार, वन्यजीव तस्करी की साजिश नाकाम
छात्रों को PM मोदी का संदेश, कहा- आपका संघर्ष बेकार नहीं जाएगा
मुख्य विकास अधिकारी ने की जिला दिव्यांग एवं पुनर्वास केंद्र की प्रबंध समिति की बैठक

तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार एवं रखरखाव सरंक्षण कार्य प्रगति पर

बीकेटीसी ने श्री तुंगनाथ मंदिर संरक्षण संबंधी डीपीआर हेतु सीबीआरआई से किया संपर्क- हेमंत द्विवेदी

रूद्रप्रयाग। समुद्र तल से 12074 फीट की ऊंचाई पर स्थित तृतीय केदार के नाम से विख्यात श्री तुंगनाथ मंदिर के संरक्षण एवं जीर्णोद्धार – रखरखाव हेतु श्री बदरीनाथ – केदारनाथ मंदिर समिति ( बीकेटीसी) ने प्रयास तेज कर दिये है।

बीकेटीसी अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि बीकेटीसी श्री तुंगनाथ मंदिर के सरंक्षण एवं रखरखाव हेतु प्रतिबद्ध है। वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) दिल्ली तथा केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) रुड़की तृतीय केदार श्री तुंगनाथ मंदिर के निर्माण और विकासात्मक गतिविधियों के लिए बद्रीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) को विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है और तकनीकी सहायता भी प्रदान करेगी।
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई), भारतीय भू वैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआई) और सीबीआरआई द्वारा पहले भी श्री तुंगनाथ मंदिर क्षेत्र का दौरा किया जा चुका है‌।

बताया कि सीबीआरआई की तकनीकी सहायता से बीकेटीसी द्वारा श्री तुंगनाथ मंदिर संरक्षण,रखरखाव एवं निर्माण कार्य किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि पिछले माह बीकेटीसी ने सीबीआरआई को श्री तुंगनाथ मंदिर के रखरखाव संरक्षण हेतु निरीक्षण आख्या एवं उपचारात्मक उपायों की रूप रेखा प्रेषित करते हुए डीपीआर बनाने का अनुरोध किया था जिस पर कार्य गतिमान है।

तुंगनाथ के संरक्षण, रखरखाव परियोजना में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोजीत सामंत, वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. देबदत्त घोष, निदेशक प्रो. आर. प्रदीप कुमार और सीबीआरआई की विशेषज्ञ टीम शामिल है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top