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हैदराबाद में जहरीली ताड़ी से तबाही: पेट दर्द, उल्टी के बाद बिगड़ी लोगों की हालत, चार की मौत

प्रशासन सख्त, ताड़ी की दुकानों पर छापेमारी और सैंपल की जांच शुरू

हैदराबाद। हैदराबाद में मिलावटी ताड़ी पीने से बढ़ती बीमारियों और मौतों ने हड़कंप मचा दिया है। अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 37 अन्य अस्पतालों में भर्ती हैं। प्रारंभिक जांच में ताड़ी में विषाक्त पदार्थ की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने चार संदिग्ध मौतों का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सरकारी रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित लोगों ने 6 से 8 जुलाई के बीच कुकटपल्ली, बालानगर और आसपास के क्षेत्रों में ताड़ी का सेवन किया था। इसके बाद इन्हें तेज उल्टी, दस्त और पेट दर्द की शिकायत हुई। कई मरीजों की हालत इतनी गंभीर हो गई कि उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। पहले इन मामलों को साधारण फूड पॉयजनिंग समझा गया, लेकिन मरीजों की बढ़ती संख्या ने अधिकारियों को सतर्क कर दिया।

31 मरीज सरकारी अस्पताल में भर्ती

हैदराबाद के निज़ाम्स इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (NIMS) में 31 मरीजों का इलाज चल रहा है, जबकि छह अन्य निजी अस्पतालों में भर्ती हैं। डॉक्टरों के अनुसार अधिकतर को तेज संक्रमण और पेट से जुड़ी गंभीर दिक्कतें हैं। कुछ मरीजों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें आईसीयू में रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है।

मौत का कारण स्पष्ट नहीं

साइबराबाद पुलिस ने चार संदिग्ध मौतों की एफआईआर दर्ज की है। हालांकि, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ताड़ी ही मौत का एकमात्र कारण है या नहीं, यह पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच रिपोर्ट के बाद ही कहा जा सकेगा। सभी शवों के विसरा नमूने परीक्षण के लिए फॉरेंसिक लैब भेजे गए हैं।

ताड़ी की दुकानों पर प्रशासन का शिकंजा

घटना के बाद प्रशासन ने संबंधित ताड़ी की दुकानों को सील कर दिया है। उत्पाद विभाग ने दुकानों से ताड़ी के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। शुरुआती अनुमान है कि ताड़ी में किसी रासायनिक या विषैले तत्व की मिलावट की गई हो सकती है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

पांच लोग हिरासत में, पूछताछ जारी

उत्पाद विभाग ने इस मामले में पांच लोगों को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है कि यह घटना जानबूझकर की गई साजिश थी या लापरवाही का नतीजा। पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच के आधार पर और गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं। फिलहाल मामला स्वास्थ्य, पुलिस और प्रशासन के संयुक्त समन्वय से सुलझाया जा रहा है।

जनता से अपील

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अनधिकृत या संदिग्ध स्रोत से ताड़ी या देसी शराब न खरीदें और संदिग्ध मामलों की सूचना तुरंत स्थानीय अधिकारियों को दें।

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