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यमुनोत्री में भक्तों का उत्साह बरकरार, पर चारधाम में कुल संख्या में गिरावट

उत्तराखंड-  चारधाम यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं की श्रद्धा तो मजबूत रही, लेकिन कुल यात्रियों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में हल्की गिरावट दर्ज की गई है। विशेषकर यमुनोत्री धाम में भक्तों का उत्साह देखते ही बनता है। बीते एक महीने में यहां करीब 3.29 लाख श्रद्धालुओं ने तप्त कुंड में स्नान कर मां यमुना के दर्शन किए। इस दौरान मंदिर समिति को दान पात्र और रसीद बुक के माध्यम से 23 लाख रुपये से अधिक की आय प्राप्त हुई है।

यमुनोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष व एसडीएम बृजेश कुमार तिवारी के अनुसार, यात्रा सुचारु और व्यवस्थित रूप से संचालित की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को सुविधाएं बेहतर मिल रही हैं और समिति की आय में भी निरंतर वृद्धि हो रही है।

हालांकि, एसडीसी फाउंडेशन द्वारा जारी विश्लेषण में खुलासा हुआ है कि 2025 की यात्रा के पहले महीने में श्रद्धालुओं की कुल संख्या में लगभग 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। केदारनाथ, बदरीनाथ, यमुनोत्री, गंगोत्री और हेमकुंड साहिब में मिलाकर इस बार 17,17,619 तीर्थयात्री पहुंचे, जबकि 2024 में यह आंकड़ा 19,56,269 था।

धामवार आंकड़े (2025 बनाम 2024):

  • केदारनाथ: 6,49,161 बनाम 7,48,348 — 13% की गिरावट

  • बदरीनाथ: 4,57,409 बनाम 4,72,065 — 3% की गिरावट

  • यमुनोत्री: 3,02,713 बनाम 3,46,545 — 11% की गिरावट

  • गंगोत्री: 2,93,228 बनाम 3,39,892 — 14% की गिरावट

विशेषज्ञों का मानना है कि मौसम की अनिश्चितता, मार्गों की स्थिति और कुछ शुरुआती व्यवस्थागत चुनौतियों के चलते यह गिरावट सामने आई है। बावजूद इसके, यमुनोत्री जैसे तीर्थों पर श्रद्धालुओं की भीड़ यह दर्शाती है कि आस्था और विश्वास में अब भी कोई कमी नहीं आई है।

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