Breaking News
मुख्यमंत्री की मॉनिटरिंग में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य तेज, मालदेवता में आवागमन सुरक्षित
तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 वीरांगनाओं का चयन- रेखा आर्या
मुख्यमंत्री धामी से महानिदेशक एनसीसी ने की शिष्टाचार भेंट
कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए दून पुलिस अलर्ट, ऋषिकेश में बम निरोधक दस्ते का सघन चेकिंग अभियान
झारखंड छात्र आंदोलन ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें, छात्रों ने किया विधानसभा घेराव का ऐलान
एलआईसी के ओएफएस को जबरदस्त रिस्पॉन्स, सरकार को मिले 31,552 करोड़ रुपये
रियलिटी शो ‘लॉकअप: सच या सजा’ सीजन 2 की विनर बनीं श्रेया कालरा
वैश्विक संस्कृत अनुसंधान में भारत-नेपाल पहल का उत्तराखंड ने किया नेतृत्व
मुख्यमंत्री धामी के दिशा-निर्देशों में पीएम आवास योजना (शहरी) की प्रगति की हुई समीक्षा

कुट्टू के आटे पर निगरानी अभियान जारी, खुले में आटे की ब्रिकी पर लगा अंकुश

जांच में कुट्टू के आटे के कई नमूने फेल, आयुक्त ने दिए मिलावटखोरों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश

आम जनता को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराना हमारी प्राथमिकता- डाॅ आर राजेश कुमार

देहरादून। नवरात्रि के अवसर पर उपवास रखने वाले श्रद्धालु कुट्टू के आटे का अधिक उपयोग करते हैं। इस दौरान दूषित और मिलावटी कुट्टू के आटे के सेवन से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पडने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री डाॅ धन सिंह रावत के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने राज्यभर में कुट्टू के आटे की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए विशेष निगरानी अभियान शुरू किया हुआ है। आयुक्त डाॅ आर राजेश कुमार ने कहा रोज अभियान की समीक्षा की जाती है। अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर आगे की रणनीति तय की जाती है। उन्होंने कहा इस अभियान का उद्देश्य मिलावटी और असुरक्षित कुट्टू के आटे की बिक्री को रोकना और जनता को सुरक्षित खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुनिश्चित करना है।

मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री पर अंकुश

03 अप्रैल को खाद्य सुरक्षा विभाग ने राज्य के विभिन्न जनपदों में कुट्टू के आटे के 7 नमूने और पांच अन्य व्रत में उपयोग होने वाले खाद्य पदार्थों के नमूने एकत्र किए। इन नमूनों को प्रयोगशाला भेजा गया, और जांच में 2 कुट्टू के आटे के नमूने असुरक्षित पाए गए। इसके बाद, खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने संबंधित अधिकारियों को न्यायालय में वाद दायर करने के निर्देश दिए हैं, और मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा, हम सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थों का सेवन सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं। कुट्टू के आटे की जांच के परिणामों को गंभीरता से लिया गया है और असुरक्षित पाए गए नमूनों के खिलाफ कडी कार्रवाई की जा रही है। काफी हद तक विभाग ने सभी जनपदों में अंकुश लगाने में कामयाबी हासिल की है। यह अभियान निरंतर जारी रहेगा ताकि दूषित और मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री को पूरी तरह रोका जा सके।

कुमाऊं मंडल में तीन दर्जन से अधिक सैंपल एकत्रित

कुमाऊं मंडल में भी छापेमारी अभियान जारी है। एफडीए की टीम ने उपायुक्त डा. राजेंद्र कांडपाल के निर्देशन में विभिन्न जनपदों में छापेमारी अभियान चलाया गया। अभियान के तहत नैनीताल, ऊघमसिंह नगर, अल्मोडा, बागेश्वर, पिथौरागढृ, चम्पावत में भी दुकानों पर छापेमारी की गयी। हर जनपद में दो टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों ने तीन दर्जन से अधिक सैंपल एकत्रित किये हैं, जिन्हें जांच के लिए रुद्रपुर लैब भेजा गया है। ऊधमसिंह नगर से लिए गए एक सैंपल में कीड़े पाए गये।

गढवाल मंडल में भी चला विशेष निरीक्षण अभियान

खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने भी देहरादून समेत गढ़वाल के सभी जिलों में छापेमारी अभियान लगातार जारी है। देहरादून जिले में भी विशेष निगरानी अभियान चलाया गया, जहां मुख्यमंत्री उत्तराखंड सरकार के निर्देश पर एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने राजपुर रोड, कैनाल रोड, हाथीबडकला, यू कैंट रोड और डाकरा बाजार में स्थित विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि इन प्रतिष्ठानों में खुला या पैक्ड कुट्टू का आटा विक्रय हेतु उपलब्ध नहीं था। हालांकि, विभाग लगातार निगरानी बनाए रखेगा और किसी भी मिलावटी खाद्य पदार्थ की बिक्री को रोकने के लिए सख्त कदम उठाएगा।

खाद्य सुरक्षा विभाग की अपील

खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग उत्तराखंड ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों की खरीदारी करते समय सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध खाद्य सामग्री की जानकारी तुरंत विभाग को दें ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम इस अभियान के दौरान सभी प्रतिष्ठानों पर निगरानी बनाए रखेगी, और सुनिश्चित करेगी कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ ही उपलब्ध हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top