Breaking News
2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में सभी का योगदान जरूरी- मुख्यमंत्री
दक्षिणी फिलीपींस में 7.8 तीव्रता का भूकंप, पांच लोगों की मौत
‘पेद्दी’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया धमाल, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रूपए
ऋषिकेश में बदमाशों के साथ हुई पुलिस की मुठभेड़, दो अपराधी गोली लगने से घायल
न्याय की सार्थकता उसकी निष्पक्षता और समयबद्धता में निहित है- मुख्यमंत्री धामी
उत्तराखंड में आज से SIR की शुरुआत, घर-घर पहुंचेंगे 11,733 बीएलओ
खेत बचाओ अभियान को जनांदोलन बनाने का आह्वान, किसानों ने लिया मिट्टी और कृषि संरक्षण का संकल्प
खाद्य सुरक्षा मानकों पर सख्ती, होटल संचालकों को किया जागरूक
डोईवाला क्षेत्र में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने किया खुलासा, मामा- भांजा ही निकले आरोपी

सूबे के प्रत्येक ब्लॉक में बनेंगे कलस्टर विद्यालय- डॉ. धन सिंह रावत

विद्यालयों के स्थलीय निरीक्षण को नामित किये नोडल अधिकारी

आवंटित विद्यालयों का निरीक्षण कर सौंपेंगे विस्तृत रिपोर्ट

देहरादून। विद्यालयी शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित कलस्टर विद्यालय योजना के तहत प्रथम चरण में प्रत्येक विकासखंड में एक-एक कलस्टर विद्यालय बनाया जायेगा। इन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के दृष्टिगत स्थलीय निरीक्षण को विकासखण्डवार नोडल अधिकारी नामित कर दिये गये हैं। सभी नोडल अधिकारी शीघ्र ही आवंटित विद्यालयों का निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट महानिदेशालय के माध्यम से शासन को उपलब्ध करायेंगे ताकि प्रथम चरण के कलस्टर विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू की जा सके।

सूबे के विद्यालयी शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप प्रदेशभर में कलस्टर विद्यालय स्थापित किये जाने हैं। जिनका चयन विभाग द्वारा किया जा चुका है। कलस्टर विद्यालय योजना के तहत प्रथम चरण में माध्यमिक स्तर पर सभी 95 विकासखण्डों में एक-एक कलस्टर विद्यालय बनाया जायेगा। जिनमें कक्षा-06 से 12 तक के छात्र-छात्राओं को आधारभूत सुविधाओं के साथ-साथ स्मार्ट क्लास, वर्चुअल क्लास, टिंकरिंग लैब, कम्प्यूटर लैब, विभिन्न विषयों की प्रयोगशालाएं, आर्ट एंड क्राफ्ट कक्ष, पुस्तकालय, खेल मैदान, शौचालय सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेगी। इसके अलावा इन विद्यालयों में सभी विषयों के शिक्षक, खेल एवं योग प्रशिक्षक, लाइब्रेरियन, तृतीय व चतुर्थ श्रेणी कार्मिक तथा भोजन माता की शत-प्रतिशत तैनाती सुनिश्चित की जायेगी।

विभागीय मंत्री डॉ. रावत ने बताया कि योजना के तहत चयनित कलस्टर विद्यालयों में आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्य सुनिश्चित करने के दृष्टिगत विद्यालयों के स्थलीय निरीक्षण के लिये विकासखण्डवार विभागीय अधिकारियों को नोडल अधिकारी नामित कर दिया गया है। जिसमें विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक सहित निदेशालय स्तर के उच्चाधिकारी, समस्त जनपदों के मुख्य शिक्षा अधिकारी, डायटों के प्राचार्य व खण्ड शिक्षा अधिकारी शामिल हैं। ये सभी नोडल अधिकारी शीघ्र ही आवंटित विद्यालयों का स्थलीय निरीक्षण कर अपनी विस्तृत रिपोर्ट शिक्षा महानिदेशालय के माध्यम से शासन को उपलब्ध करायेंगे। जिसके उपरांत प्रथम चरण हेतु चयनित कलस्टर विद्यालयों के निर्माण की प्रक्रिया शुरू कर दी जायेगी।

डॉ. रावत ने बताया कि सरकार का मकसद कलस्टर विद्यालयों को एजुकेशन हब के रूप में विकसित करना है। साथ ही इन कलस्टर विद्यालयों में आस-पास के ऐसे विद्यालयों का भी समायोजन किया जायेगा जिनकी छात्र संख्या काफी कमी है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत कलस्टर विद्यालयों को चरणबद्ध तरीके से आवासीय विद्यालयों में परिवर्तित किया जायेगा ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के छा़त्र-छात्राओं को आवासीय सुविधा मुहैया कराई जा सके।

ये अधिकारी किये गये नोडल नामित

कलस्टर विद्यालय योजना के तहत विद्यालयी शिक्षा महानिदेशक बंशीधर तिवारी को राजकीय इंटर कॉलेज थानो, देहरादून का नोडल नामित किया गया है। इसी प्रकार निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा अजय कुमार नौडियाल को राजकीय बालिका इंटर कॉलेज कोटद्वार, निदेशक माध्यमिक शिक्षा डॉ. मुकुल सती को पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज दिनेशपुर, यूएसनगर, सचिव उत्तराखंड बोर्ड विनोद कुमार सिमल्टी को पीएमश्री राजकीय इंटर कॉलेज महुवाडाबरा, यूएसनगर, संयुक्त निदेशक पदमेंद्र सकलानी को राजकीय इंटर कॉलेज तलवाडी, चमोली, अपर निदेशक गढ़वाल कंचन देवराड़ी को राजकीय इंटर कालेज कोट, पौड़ी, अपर निदेशक कुमाऊ अम्बादत्त बलोदी को राजकीय इंटर कॉलेज बग्वालीपोखर अल्मोड़ा का नोडल अधिकारी बनाया गया है। इसी प्रकार जनपद व ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को भी नोडल अधिकारी नामित कर विद्यालय आवंटित किये गये हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top