Breaking News
अपर निदेशक ने किया श्रीनगर पशु चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण, टीकाकरण एवं विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
अपर निदेशक ने किया श्रीनगर पशु चिकित्सालय का आकस्मिक निरीक्षण, टीकाकरण एवं विभागीय लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के निर्देश
खेल प्रतिभा, जुनून, उमंग और प्रतिस्पर्धा का संगम बना पौड़ी, 24वीं विद्यालयी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शानदार आगाज
खेल प्रतिभा, जुनून, उमंग और प्रतिस्पर्धा का संगम बना पौड़ी, 24वीं विद्यालयी राज्य स्तरीय बैडमिंटन प्रतियोगिता का शानदार आगाज
दिव्यांगजनों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए स्वीप टीम ने चलाया जागरूकता अभियान
दिव्यांगजनों को मतदान प्रक्रिया से जोड़ने के लिए स्वीप टीम ने चलाया जागरूकता अभियान
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
जयानंद भारती के भवन निर्माण हेतु 40 लाख की धनराशि स्वीकृत कराने पर महाराज का आभार जताया
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
उत्तराखंड स्टेट ओपन कराटे चैंपियनशिप में बच्चों का शानदार प्रदर्शन
ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों में दर्द से लेकर सुनने की क्षमता तक पर असर
ईयरबड्स लगाकर सोने की आदत पड़ सकती है भारी, कानों में दर्द से लेकर सुनने की क्षमता तक पर असर
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
युवाओं की प्रतिभा, मेहनत और लगन से साकार होगा विकसित भारत 2047 का संकल्प : मुख्यमंत्री
राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज: अक्तूबर के पहले 17 दिनों में मिले 304 मरीज
राजधानी में डेंगू का प्रकोप तेज: अक्तूबर के पहले 17 दिनों में मिले 304 मरीज
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री ने गढ़वाली, कुमाऊँनी और जौनसारी लोकभाषाओं के वॉइस कलेक्शन पोर्टल का किया शुभारंभ

बागवानों को अच्छे रंग और आकार के सेब उगाने के लिए सरकार करेगी लाखों की मदद

बागवानों को अच्छे रंग और आकार के सेब उगाने के लिए सरकार करेगी लाखों की मदद

प्रति बीघा के हिसाब से करीब 26,000 रुपये अनुदान मिलेगा

हिमाचल। प्रदेश के बागवानों के लिए खुशखबरी है, यहां पर सरकार अच्छे रंग और आकार के सेब उगाने के लिए लाखों की मदद करेगी। एमआईडीएच (एकीकृत बागवानी विकास मिशन) में बागवानों को एचडीपी (हाई डेंसिटी पौधरोपण) स्पोर्ट सिस्टम के साथ लगाने पर 5 से 7.50 लाख तक अनुदान मिलेगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय भारत सरकार की ओर से जारी ताजा दिशा-निर्देशों में  वाणिज्यिक महत्व की बागवानी फसलों में एचडीपी को पहली बार शामिल किया गया है। हिमाचल में बागवान बड़े पैमाने पर सेब की परंपरागत खेती के स्थान पर एचडीपी को अपना रहे हैं। योजना में बागवानों को पहले साल में 60 फीसदी अनुदान और दूसरे साल में 40 फीसदी अनुदान मिलेगा।

हालांकि दूसरे साल अनिवार्य तौर पर 80 फीसदी सर्वाइकल रेट (उत्तरजीविता दर) की शर्त लगाई गई है ताकि बागवान नया बगीचा लगाने में पूरी मेहनत करे और महज अनुदान के लिए आवेदन न करे। फेजना के तहत न्यूनतम 2222 पौधे प्रति हेक्टेयर का बगीचा स्पोर्ट सिस्टम के साथ लगाने के लिए 5 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो हेक्टेयर के लिए अनुदान मिलेगा। इसके अलावा 3333 पौधे प्रति हेक्टेयर का अल्ट्रा एचडीपी बगीचा स्पोर्ट सिस्टम के साथ लगाने के लिए 7.50 लाख प्रति हेक्टेयर की दर से अधिकतम दो हेक्टेयर के  लिए अनुदान दिया जाएगा। बागवानों को यह अनुदान रोपण सामग्री (पौधों की खरीद) और अन्य इनपुट लागत (स्पोर्ट सिस्टम) पर होने  वाले खर्च की एवज में दिया जाएगा। योजना में प्रति बीघा के हिसाब से करीब 26,000 रुपये अनुदान मिलेगा।

ऐसे करें आवेदन
बागवानी विभाग के ई-उद्यान पोर्टल पर एमआईडीएच लिंक के माध्यम से बागवान अनुदान के लिए आवेदन कर सकते हैं। आवश्यक दस्तावेज अपलोड करने के बाद विभाग की और से जांच की जाएगी और दिशा-निर्देशों के आधार पर पर अनुदान के लिए पात्र हो सकेंगे।

नया बगीचा लगाने वालों को राहत
मड़ावग के बागवान दीपक बरागटा का कहना है कि एचडीपी पर नया बगीचा लगाने वालों को इस योजना से बड़ी राहत मिलेगी। एचडीपी बगीचा लगाने की लगात बहुत अधिक है। अगर ऋण लेकर भी बगीचा लगाया जाए तब भी 5 से 7.50 लाख अनुदान से लाभ मिलेगा। रोहड़ू के स्पैल शैली के बागवान संजीव जामटा के अनुसार सरकार अगर एचडीपी को प्रोत्साहन देना चाहती है तो कुल लागत का 50 फीसदी तक अनुदान दिया जाए, हलांकि एमआईएचडी में लागू अनुदान से भी राहत मिलेगी।

एकीकृत बागवानी विकास मिशन में पहली बार से के एचडीपी बगीचे के लिए 5 से 7.50 लाख के अनुदान का प्रावधान किया गया है। प्रदेश के बागवानों के लिए यह बड़ी राहत की खबर है। सेब की आधुनिक बागवानी करने के इच्छुक बागवानों को इस योजना का लाभ ले सकते हैं। – विनय सिंह, निदेशक, बागवानी विभाग

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top