Breaking News
उत्तराखंड के हर ब्लॉक में बनेंगे मिनी स्टेडियम- मुख्यमंत्री धामी
देहरादून एसएसपी से मिलने पहुंची नन्ही बच्ची, फूल देकर जताया पुलिस के प्रति सम्मान
महिलाओं की समस्याओं का निस्तारण शासन-प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए- कुसुम कंडवाल
खाना खाने के बाद क्यों आती है नींद? जानिए क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ
रसोई गैस और पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों पर यूथ कांग्रेस का हल्ला बोल
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश में “हर घर नल से जल” का संकल्प तेजी से साकार हो रहा- त्रिवेन्द्र
‘डकैत’ की रिलीज टली, अब फिल्म 10 अप्रैल को देगी सिनेमाघरों में दस्तक
पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से की मुलाकात
भराड़ीसैंण में मोर्निंग वाक पर निकले सीएम धामी, स्थानीय लोगों के साथ लिया चाय की चुस्कियों का आनन्द

आपातकालीन सेवा में मरीज को 10 मिनट के अंदर मिलेगा इलाज -डॉ आर राजेश कुमार

उत्तराखंड में नये साल पर अलर्ट मोड़ पर रहेंगे सभी मेडिकल यूनिट

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एसओपी

लापरवाही होने पर संबधित मेडिकल कॉलेज के एमएस या प्राचार्य की जवाबदेही होगी

देहरादून। उत्तराखंड स्वास्थ्य विभाग ने नये साल के जश्न के दौरान सभी अस्पतालों को अलर्ट मोड़ पर रहने के आदेश दिये हैं। स्वास्थ्य सचिव डा. आर. राजेश कुमार ने सभी राजकीय मेडिकल कालेजों और सरकारी अस्पतालों को निर्देश दिये हैं कि आपातकालीन चिकित्सा प्रबंधन को और अधिक दुरस्त किया जाएं। आपातकालीन प्रबंधन के लिए स्वास्थ्य विभाग ने नई गाइडलाइन (एसओपी) जारी की है। सभी अस्पतालों से इस गाइडलाइन का पालन करने के निर्देश दिये गये हैं।

स्वास्थ्य सचिव डा. आर राजेश कुमार ने कहा कि नये साल और शीतकालीन चारधाम यात्रा के दौरान सभी अस्पतालों को इमरजेंसी मैनेजमेंट की व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिये हैं। प्रदेश में आपातकालीन प्रबंधन को लेकर राजकीय मेडिकल कालेजों के प्राचार्यों की एक बैैठक हुई। इस बैठक में आपातकालीन प्रबंधन को लेकर मंथन हुआ।

इस संबंध में राजकीय मेडिकल कालेज देहरादून सहित प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों के साथ इमरजेंसी मैनेजमेंट को लेकर विचार विमर्श किया गया। आपातकालीन प्रबंधन के तहत ट्राईएज के तहत मरीजों की तेजी से जांच की जाती है। इसके अलावा क्लीनिक प्रोटोकॉल, डाक्युमेंटेशन और क्वालिटी एसोयरेंस को लेकर भी गाइडलाइन बनाई गयी हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ आर राजेश कुमार ने बताया कि गंभीर मरीजों को 10 मिनट के अंदर इलाज मिलना सुनिश्चित किया जायेगा।

इस संबध में लापरवाही होने पर संबधित मेडिकल कॉलेज के एमएस या प्राचार्य की जवाबदेही होगी

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top