Breaking News
देहरादून महायोजना-2041 : देहरादून के भविष्य पर फिर सुनी जाएगी जनता की आवाज, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी बात रखने से वंचित न रहे
उत्तराखंड में इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम होगा मजबूत, 112 से जुड़ेंगी सभी हेल्पलाइन
लक्ष्मणझूला क्षेत्र में गंगा नदी में स्नान के दौरान युवक डूबा, SDRF का सर्च अभियान जारी
हिमाचल का फरार बदमाश पटेलनगर से गिरफ्तार
श्रमिक कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है सरकार- मुख्यमंत्री धामी 
मुख्यमंत्री धामी ने स्व. मनोज मनराल को दी श्रद्धांजलि
भारत और जिम्बाब्वे के बीच टी20 सीरीज का पहला मुकाबला आज
असम में बारिश बनी आफत, 24 घंटे में 10 लोगों की हुई मौत
सीएम धामी ने पेपर लीक मामलों पर फास्ट ट्रैक कोर्ट के प्रधानमंत्री के निर्णय का किया स्वागत

हरिद्वार का गंगाजल अब पीने लायक नहीं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने दी चेतावनी

हरिद्वार। अगर आप हरिद्वार में रहते हैं या गंगा जल का उपयोग पीने के लिए करते हैं, तो अब सतर्क हो जाइए। उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, हरिद्वार में गंगा नदी का पानी अब ‘B’ श्रेणी में पाया गया है, जो पीने के लिए असुरक्षित है। हालांकि, इस पानी से नहाने में कोई खतरा नहीं है।

बोर्ड हर महीने हरिद्वार के आसपास उत्तर प्रदेश की सीमा पर लगभग आठ स्थानों से गंगा के पानी के नमूने लेकर जांच करता है।

गंगा जल ‘B’ श्रेणी में पाया गया
नवंबर माह की जांच के दौरान गंगा का पानी ‘B’ कैटगरी में आया, जो यह दर्शाता है कि पानी को कीटाणुरहित करने के बाद भी पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जा सकता। पानी को गुणवत्ता के आधार पर पांच श्रेणियों में विभाजित किया गया है। इनमें ‘A’ श्रेणी सबसे साफ और पीने योग्य होती है, जबकि ‘E’ सबसे अधिक प्रदूषित मानी जाती है।

क्या बोले अधिकारी?
उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी राजेंद्र सिंह ने बताया कि पानी की गुणवत्ता चार मापदंडों – पीएच, घुलित ऑक्सीजन, जैविक ऑक्सीजन और कुल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया – के आधार पर जांची जाती है। हरिद्वार का गंगा जल नहाने के लिए उपयुक्त है, लेकिन पीने के लिए नहीं।

पुजारी ने जताई चिंता
स्थानीय पुजारी उज्ज्वल पंडित ने गंगा जल में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गंगा की शुद्धता मानव मल के कारण प्रभावित हो रही है। उन्होंने यह भी कहा, “गंगा जल से नहाने से शरीर की बीमारियां दूर होती हैं। लेकिन वर्तमान प्रदूषण की स्थिति चिंताजनक है, जिसे सुधारने की आवश्यकता है।”

नदियों में बढ़ता प्रदूषण चिंता का विषय
गंगा ही नहीं, देश की अन्य नदियां भी प्रदूषण से प्रभावित हो रही हैं। 1 दिसंबर को दिल्ली की यमुना नदी में जहरीले झाग की मोटी परत देखी गई, जिससे स्वास्थ्य पर संभावित खतरों को लेकर चिंता और बढ़ गई।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top