Breaking News
उत्तराखंड में जीएसटी संग्रहण में उल्लेखनीय बढ़ोतरी, नेट एसजीएसटी 24% बढ़ा
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दिया अपने पद से इस्तीफा
भारत और जिम्बाब्वे के बीच तीन मैचों की टी20 सीरीज का दूसरा मुकाबला आज
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़कर 676.23 अरब डॉलर पहुंचा, आरबीआई के ताजा आंकड़े जारी
‘जन नायकन’ का बॉक्स ऑफिस पर जलवा, दो दिन में पार किया 50 करोड़ का आंकड़ा
शिक्षक बनने का सुनहरा मौका,16 अगस्त को होगी संयुक्त बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा
मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में हुई व्यय वित्त समिति की बैठक
ड्रग्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंसः हर युवा का भविष्य बचाना हमारी प्राथमिकता- डीएम
उत्तराखंड पुलिस के निलंबित सिपाही शेर सिंह के तथाकथित “इस्तीफे” को लेकर उठे सवाल

दूनवासियों के लिए खतरा बनी हवा, चिंताजनक आंकड़े निकलकर आए सामने

देहरादून। राजधानी की हवा दूनवासियों के लिए खतरा बन गई है। औद्योगिक प्रदूषण की तुलना में देहरादून की हवा में 28 गुना अधिक जहरीले प्रदूषित कण पाए गए हैं। बीएचयूआई-आईटी की रिपोर्ट के अनुसार यह जहरीले अदृश्य कण सांस के जरिये फेफड़ों में प्रतिदिन पहुंच रहे हैं।

रिपोर्ट के मुताबिक दून के प्रत्येक व्यक्ति के फेफड़ों में प्रतिदिन 28 ग्राम हवा के बड़े व 12 ग्राम सूक्ष्म जहरीले कण पहुंचकर खतरा बन रहे हैं। राजधानी में सर्वाधिक वायु प्रदूषण रोड डस्ट, फॉरेस्ट फायर, वाहनों से धुएं व निर्माण कार्याें से उठने वाली गर्द के कारण पाया गया है।राजधानी देहरादून में बढ़ता वायु प्रदूषण पिछले कुछ सालों में चिंता का विषय है।

इसी के चलते नेशनल क्लीन एयर प्रोग्राम में देहरादून का चयन किया गया है। प्रोग्राम के तहत दून में वायु प्रदूषण का आंकलन करने के लिए आईआईटी-बीएचयू की टीम ने पिछले दिनों आईएसबीटी, आईटी पार्क, घंटाघर, जोगीवाला चौक, रायपुर रोड समेत दून के विभिन्न हिस्सों में सर्वे किया। इसमें चिंताजनक आंकड़े निकलकर सामने आए हैं।

रिपोर्ट के अनुसार औद्योगिक इकाइयों से प्रतिदिन निकलने वाले पीएम-10 (पार्टिकुलेट मैटर या वायु में मौजूद प्रदूषित बड़े जहरीले कण) की तुलना में यहां सड़क से उठने वाली धूल 16 गुना अधिक जहरीले कण उगल रही है। राजधानी में सर्वाधिक वायु प्रदूषण ही सड़क की धूल के कारण हो रहा है। वहीं जंगलों की आग, वाहनों का प्रदूषण व निर्माण कार्यों की गर्द भी वायु को बेतहाशा जहरीला बना रही है।

जंगलों की आग से निकल रहा छह गुना अधिक पीएम 2.5

दून के लिए पीएम 2.5 (वायु में मौजूद प्रदूषित अतिसूक्ष्म जहरीले कण) सबसे बड़ी चिंता बनकर उभरा है। पिछले एक महीने में दून में वायु प्रदूषण की सबसे बड़ी वजह पीएम 2.5 ही रहा। यह अतिसूक्ष्म प्रदूषित जहरीले कण हैं, जो सांस के जरिये रक्त या फेफड़ों तक पहुंच जाते हैं। रिपोर्ट के अनुसार जंगलों में लगने वाली आग या कूड़ा समेत अन्य अपशिष्ट को जलाने से करीब छह गुना अधिक पीएम 2.5 वायुमंडल में पहुंच रहा है, जबकि सड़क की धूल के कारण चार गुना से अधिक पीएम 2.5 वायु में पहुंच रहे हैं।

40 हजार किलो जहरीले सूक्ष्म कणों का उत्सर्जन रोज

दून में प्रतिदिन 28 हजार किलो से अधिक पीएम-10 के कण वायुमंडल में मिल रहे हैं, जबकि 12 हजार के अधिक पीएम 2.5 के कण हर रोज वायुमंडल में पहुंचकर हवा को जहरीला बना रहे हैं।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top