Breaking News
जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार”- बड़ोलीबड़ी में बहुउद्देशीय शिविर सम्पन्न, 106 ग्रामीण हुए लाभान्वित
खेल विश्वविद्यालय के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया आगे बढ़ी, 8.57 करोड़ रुपये स्वीकृत
हाई ब्लड प्रेशर और शुगर बढ़ा सकते हैं किडनी रोग का खतरा, विशेषज्ञों ने दी चेतावनी
रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला
दून पुलिस की बड़ी कार्यवाही- किरायेदारों का सत्यापन न कराने पर 92 मकान मालिकों पर 9.20 लाख का जुर्माना
ओटीटी पर छाई प्रियंका चोपड़ा की ‘द ब्लफ’, व्यूअरशिप में बनी नंबर 1
संसद में हर सदस्य को नियमों के तहत अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है- ओम बिरला
आईपीएल 2026 के पहले चरण का शेड्यूल जारी, 28 मार्च से होगा रोमांचक आगाज
पीएमजीएसवाई प्रथम के अंतर्गत अवशेष सड़कों को पूरा करने की समय सीमा 31 मार्च 2027 तक बढ़ी

पहाड़ों में हुई बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बढ़ी ठंड, 3.2 डिग्री पहुंचा न्यूनतम तापमान 

दिल्ली- एनसीआर। पहाड़ों में बर्फबारी होने से वहां से आने वाली हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ा दी है। इससे दिल्ली में ठिठुरने बढ़ गई है। रात के समय ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा लेने लगे हैं। बृहस्पतिवार को कई इलाकों में शीत लहर का दौर चला।

दिल्ली के पूसा इलाके में सुबह सबसे ठंडी रही। यहां का न्यूनतम तापमान सबसे कम 3.2 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं, आया नगर में 3.8, लोधी रोड में 4.4, नरेला में 4.7, पालम में 6 और रिज में 6.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं, गौतमबुद्धनगर में न्यूनतम तापमान 5.5 डिग्री दर्ज किया गया। उधर, गुरुग्राम में 4.8 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है।

आने वाले दिनों में पारा और गिरने का अनुमान है। ऐसे में शुक्रवार और शनिवार को मध्य से लेकर घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। वहीं, शीत लहर की भी दो दिन के लिए चेतावनी जारी की है। इस दौरान अधिकतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 4 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

यह होती है शीत लहर
मैदानी क्षेत्रों में जब न्यूनतम तापमान 10 डिग्री व इससे नीचे होने के साथ सामान्य से 4.5-6.4 डिग्री सेल्सियस कम होता है तो शीत लहर होती है। वहीं, सामान्य से 6.5 या इससे कम होने पर गंभीर स्तर की ठंड रहती है।

अगर तापमान 4 डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे चला जाता है तो इसे भी शीत लहर माना जाता है। वहीं, 2 डिग्री सेल्सियस पर गंभीर स्तर की शीत लहर होती है। पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान शून्य डिग्री सेल्सियस या इससे नीचे जाने पर शीत लहर होती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top